झिलमिलाते सितारे ,
आकाश की अनंत सीमा के परे
झांकते देखते हमें,
प्यारे लगते हैं खुले आसमान के तले
अभिमान है अपनी आभा का जिन्हें...
झिलमिलाते सितारे,
अमूल्य है उन नेत्रों के भले
बरबस ही छलक पड़ते हैं
किसी आत्मीय की स्मृति के साथ
अविस्मरनीय घटनाओ की याद
ह्रदय की गहराईओं में छिपे
झाकते -देखते हमे,
प्यारे लगते हैं ये भी
आकाश की अनंत सीमा को तुच्छ करते
झिलमिलाते सितारे,
मन मयूर के सुखद स्वप्नों के साथ
किसी दुर्दांत सत्य से जब हो दो- चार हाथ
किसी अभिन्न की जब चुभती है बात
अपने अनन्य से वार्ता के बाद,
भावनाओ की गहरायियो के तले
प्यारे लगते हैं
मत रोको इन्हें
छलक जाने दो इन्हें ...
झिलमिलाते सितारे ,
आकाश की अनंत सीमा के परे
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